Some Important Things To View
Schemes Of UPPWD
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मार्ग विकास प्रदेश के विकास के लिये अवस्थापना सुविधाओं को उपलब्ध कराने में मार्ग व्यवस्था का विशेष महत्व है। मार्गों का विकास प्रदेश के आर्थिक एवं सामाजिक विकास हेतु नितांत आवश्यक है। इस महत्वकांक्षी योजना को मूर्त रूप देने में लोक निर्माण विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में दिनांक 31.03.09 को विभाग द्वारा अनुरक्षित मार्गों की कुल लम्बाई 163093.957 कि0मी0 है। लो0नि0वि0 के अन्तर्गत विभिन्न श्रेणियों के मार्गों सहित मार्च 2009 तक उपलब्धियों का विवरण निम्नवत है:-
टिप्प्णी :- 1) * इसमें 2319.00 कि0मी0 राष्ट्रीय मार्ग राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन है। 2) ** इसमें 2423.000 कि0मी0 राष्ट्रीय मार्ग राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन है। मार्ग विकास नीति यातायात का वर्तमान परिद़श्य तथा भविष्य में मार्ग यातायात में अप्रत्याशित व़द्धि और सामाजिक व आर्थिक द़ष्टिकोण से प्रदेश के विकास को प्रगति प्रदान करने हेतु वर्ष 1998 में लागू मार्ग विकास नीति का पुनरावलोकन करते हुए मार्ग विकास नीति-2010 में मार्ग यातायात के क्षेत्र में हुए तकनीकी विकास एवं प्रचलित नवीन विधियों को भी अपनाया जाना प्रस्तावित है। प्रस्तावित मार्ग विकास नीति-2010 के मुख्य बिन्दु निम्नवतद्य है:- महत्वपूर्ण निर्णय लेने हेतु कम्प्यूटर आधारित भौगोलिक सूचना प्रणाली तथा मार्ग अनुरक्षण प्रबन्धन प्रणाली का समावेश। असेट प्रबन्धन प्रणाली का समावेश। 1. मार्गों का कोर नेटवर्क एवं नॉन-कोर नेटवर्क मार्ग सहित राष्ट्रीय मार्ग, राजमार्ग, मुख्य जिला मार्ग, अन्य जिला मार्ग तथा ग्रामीण मार्ग में वर्गीकरण। 1. विभिन्न श्रेणी के मार्गों का ज्योतिमीय एवं तकनीकी संरचना में इंडियन रोड कांग्रेस के मानकों का समावेश। 2. सीमेन्ट कांक्रीट रोड तथा के0सी0 ड्रेन के निर्माण के सम्बन्ध में नीति। 3. विशिष्ट क्षेत्र जैसे क्वैरी अथवा गन्ना उत्पादक क्षेत्रों हेतु विशेष मापदण्ड। 4. सडक सुरक्षा एवं सडक दुर्घटनाओं को कम करने पर विशेष बल। 5. पारदर्शिता के उददेश्य से इलेक्ट्रानिक निविदा प्रणाली का उपयोग। 6. मार्ग निर्माण के विभिन्न गतिविधियों में निश्चित समय सीमा निर्धारण एवं कार्यान्वयन। 7. मार्गों के अनुरक्षण के उददेश्य से विभिन्न विभागों के बीच में स्वामित्व निर्धारण हेतु नीति। 8. सेतुओं के निर्माण, अनुरक्षण एवं विस्तारीकरण नीति। 9. सूचना तकनीकी का अधिकाधिक उपयोग पर बल। 10. मार्ग निमार्ण में निजी संस्थानों की सहभागिता की नीति। 11. गुणवत्ता नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर स्पष्ट नीति।
महत्वपूर्ण मार्ग विकास योजनाएं 1. ग्रामीण मार्ग/लघु सेतु के
निर्माण हेतु नाबार्ड वित्त पोषित आर0आई0डी0एफ0 योजना:- 2 अनुसूचित जाति सब प्लान/ट्राईबल सब प्लान-अनुदान
संख्या-83 :- स्पेशल कम्पोनेन्ट प्लान के अन्तर्गत, वर्ष 2001 की जनगणना के आधार पर 30 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति/जनजाति आबादी वाले गांवों को, पक्के सम्पर्क मार्गों से संत़प्तीकरण किया जाना हैा प्रदेश में 30 प्रतिशत अधिक अनुसूचित जाति/जनजाति आबादी वाले कुल चयनित 30779 ग्रामों में से 25760 ग्राम संत़प्त किये जा चुके है और वर्ष 2005-06 में 1471 ग्रामों को पक्की सडक से जोडने के लिए रू0 315.76 करोड की स्वीकति प्रदान की गई। वर्ष 2006-07 के बजट में स्पेशल कम्पोनेन्ट प्लान के सडक एवं पुल मद के अन्तर्गत रू0 534.00 करोड की धनराशि प्राविधानित थी, इसके सापेक्ष रू0 533.00 करोड की स्वीक़तियां कुल 2218 ग्रामों में 3350.00 कि0मी0 लम्बाई में पक्के सम्पर्क मार्गों का निर्माण हेतु निर्गत की गई तथा वर्ष का वास्तविक व्यय रू0 484.92 करोड रहा। ग्राम सभाओं का समग्र विकास करने हेतु वर्ष 2007-08 में डा0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना प्रारम्भ की गई हैा जिसके अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2007-08 (प्रथम चरण) में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 5-5 ग्राम सभायें तथा वर्ष 2008-09 (द्वितीय चरण) से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 10-10 डा0 अम्बेडकर ग्राम सभायें चयनित कर सम्पर्क मार्ग से असंत़प्त ग्राम सभाओं में नये सम्पर्क मार्गों का निर्माण कार्य कराये जाने का निर्णय लिया गया है वर्ष 2007-08 में स्पेशल कम्पोनेन्ट प्लान सडक एवं पुल मद के अन्तर्गत शासन द्वारा विगत वर्ष 1995-96, 97, 98 एवं 2002-03 में चयनित एवं असंत़प्त अम्बेडकर ग्रामों एवं डा0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के अन्तर्गत चयनित ग्राम सभाओं के संत़प्तीकरण हेतु कुल रू0 1300 करोड के बजट प्राविधान के सापेक्ष पूर्ण धनराशि की स्वीक़तियां निर्गत करते हुए वर्ष 2007-08 में बजट प्राविधान से कुल 4000 कि0मी0 में नव निर्माण एवं 10500 कि0मी0 पूर्ण निर्मित परन्तु ध्वस्त सम्पर्क मार्गों का पुर्ननिर्माण किया गया। वर्ष 2008-09 में स्पेशल कम्पोनेन्ट प्लान सडक एवं पुल मद के अन्तर्गत कुल रू0 1351.0003 करोड का बजट प्राविधान था, जिसमें से रू0 100 करोड की धनराशि समाज कल्याण विभाग द्वारा वापस लिये जाने के फलस्वरूप अवशेष बजट प्राविधान रूव 1251.0003 करोड रहा। इसके सापेक्ष पूर्ण धनराशि की स्वीक़तियां निर्गत करते हुये कुल रू0 1236.7373 करोड धनराशि का व्यय कर 2100 ग्राम सभाओं को सम्पर्क माग से संत़प्त (3700 कि0मी0 लम्बाई के ग्रामीण मार्गों का नवनिर्माण कर) किया गया एवं 2400 कि0मी0 मार्गों का पुननिर्माण/सुधार किया गया। वर्ष 2009'10 में स्पेशल कम्पोनेन्ट प्लान सडक एवं पुल मद के अन्तर्गत कुल रू0 1351.0002 करोड का बजट प्राविधान हैा वर्ष 2009'10 में चयनित अम्बेडकर ग्रामों में से 2000 ग्राम एवं वर्ष 1997-98 के चयनित अम्बेडकर ग्रामों में से 195 ग्राम अर्थात कुल 2195 अम्बेडकर ग्रामों को सभी मजरों को मार्गों से जोडे जाने का निर्णय लिया गया हैा इस वर्ष रू0 700 करोड की धनराशि समाज कल्याण विभाग द्वारा वापस ले ली गई तथा अवशेष बजट प्राविधान अब रू0 651.002 करोड है जिसमें रूव 625.002 करोड नये ग्रामीण सम्पर्क मार्गों के निर्माण मार्गों के निर्माण हेतु एवं रू0 26 करोड ग्रामीण मार्गों के पुनर्निर्माण/जीर्णोद्वार/उच्चीकरण हेतु है। अवशेष बजट प्राविधान के सापेक्ष अब तक रू0 601.6399 करोड की नवनिर्माण कार्यों की स्वीक़तियां निर्गत की जा चुकी है एवं शेष कार्यों के प्रस्ताव स्वीक़ति हेतु शासन स्तर पर विचाराधीन है। इसके अतिरिक्त वर्षे 2009-10 में बुन्देलखण्ड विकास निधि हेतु रू0 39.00 करोड एवं पूवांचल विकास निधि हेतु रू0 141.00 करोड का प्राविधान है। वर्ष 2010-11 में स्पेशल कम्पोनेन्ट प्लान सडक एवं पुल मद के अन्तर्गत कुल रू0 800.0001 करोड का बजट प्राविधान किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें से रू0 750 करोड वर्ष 95-96 एवं 97-98 के चयनित अम्बेडकर ग्रामों में से 2009-10 में अंगीक़त किये गये 2195 ग्रामों के अतिरिक्त वर्ष 95-96 के समस्त अवशेष 1803 ग्रामों तथा 97-98 के अवशेष ग्रामों में से 414 ग्राम तथा वर्ष 2002-03 के चयनित ग्रामों में से 13 ग्राम अर्थात कुल 2230 डा0 अम्बेडकर ग्रामों के समस्त मजरों को मार्ग निर्माण कार्य से संत़प्त किये जाने हेतु एवं रू0 50 करोड ग्रामीण मार्गों के पुननिर्माण/जीर्णोद्धार/उच्चीकरण हेतु प्रस्तावित किया गया है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2010-11 में, बुन्देलखण्ड विकास निधि हेतु रू0 39.00 करोड एवं पूर्वांचल विकास निधि योजना 141.00 करोड का बजट प्राविधान प्रस्तावित है।
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